सीखो
जिंदगी है छोटी सी ,इसमे कुछ कमाना सीखो
कमाना दौलत नही,इज्जत और नाम सीखो।
इसमे कुछ खोना हो,कुछ पाना सीखो
खुद भी हँसो,दुसरो को भी हसाना सीखो
अपनो को ही नही,गैरो को भी गले लगाना सीखो।
दुख भी आएंगे,सुख भी आएंगे
सब मे समान रहना सीखो
गर्दन झुकाकर नही उठाकर जीना सीखो।
जब एक पल बैठते हो खाली तुम
उस पल में,कुछ करना सीखो
कहते है 'गया समय वापिस आता नही'
समय अनमोल है इसे गवाना नही, बचाना सीखो।
About the poem
About the poem
Very good zinu ..keep it up...waiting for next post ..
ReplyDeleteIt's really good poem Zeenat...👌👌
ReplyDeleteNice poem 👌
ReplyDeleteVery nice ✍👌
ReplyDelete👌
ReplyDeleteVery beautifully written ...
ReplyDeleteKeep the good work going dear 😘😘
👍👌nice
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