माँ का महत्व



माँ के बिना जीवन संभव नही है।माँ जननी है।
हर एक के जीवन मे माँ एक अनमोल इंसान के रुप मे होती है, जिसके बारे में शब्दों से बया नही कीया जा सकता है।ऐसा कहा जाता है कि भगवान हर किसी के साथ नही रह सकते इसलिए उसने माँ को बनाया है।एक माँ हमारे जीवन की हर छोटी बड़ी जरूरत का ध्यान रखने वाली और खूबसूरत इंसान होती है।
 सुबह के समय वो बहुत प्यार से हमे बिस्तर से उठाती है और रात के समय कहानिया सूना कर सुलाती है।हमारी माँ हमे स्कूल जाने के लिए तैयार होने में मदद करती है और हमारे लिए सुबह का नाश्ता और दोपहर का खाना भी बनाकर देती है।
वो दोपहर में दरवाजे पर खड़ी होकर के हमारे स्कूल से लौटने का इंतजार करती है।बच्चे होने के नाते हम भी माँ से प्यार करते है और दिल से उसका ध्यान रखते है। माँ ही वो इंसान हैं जो अपने बच्चों के बुरे दिनों और बीमारियों में उनके लिये रात-  रात भर जागती है।वो उनकी हर खुशी में शामिल होती है और उनके पसंद-नापसंद को समझती है।वो हमेशा अपने बच्चो को सही राह पर आगे बढ़ने के लिए मार्गदर्शन करती है।माँ हमारी पहली अध्यापक होती है जो जीवन के हर कदम पर हमें नयी-नयी सीख देती है और हमे सही गलत का अंतर बताती है।ढेर सारे दुख और दर्द सहकर वो हमें अपने कोख में रखती है।माँ और बच्चो के बीच मे यह एक खास बंधन होता है जो कभी खत्म नहीं हो सकता है। कोई माँ कभी भी अपने प्यार और परवरिश को अपने बच्चे के लिए कम नही करती और हमेशा अपने हर बच्चो को बराबर प्यार करती है।
वो नहीं चाहती कि किसी दूसरे से तकलीफ  पहुंचे और इसलिए दूसरो से अच्छा व्यवहार करने की सीख देती है ।माँ को धन्यवाद देने और आदर के लिए हर साल 5मई को मातृ दिवस के रूप में मनाया जाता है।हमारे जीवन में माँ के रूप में कोई भी नही हो सकता हैं। हैम भी हमेशा पूरे जीवन भर अपने माँ का खयाल रखना  चाहिए।

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